उझानी में अहंकार का अंत: राम के अग्निबाण से धराशायी हुआ रावण, आतिशबाजी से जगमगाया आसमान।
उझानी, बदायूं 22 अक्टूबर।
रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार शाम बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। अहंकार का अंत हुआ और आसमान आतिशबाजी की सतरंगी रोशनी से जगमगा उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक हरीश शाक्य ने रावण के पुतले की पूजा-अर्चना व आरती कर किया। उन्होंने कहा कि विजयदशमी हमें सिखाती है कि अहंकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंत में सत्य की ही जीत होती है।
इसके बाद जैसे ही प्रभु श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर रावण का वध किया, पूरा रामलीला ग्राउंड जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। शानदार आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया।
युद्धभूमि में श्रीराम और रावण की सेनाएं आमने-सामने थीं। दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ। इसी दौरान विभीषण ने श्रीराम को रावण की नाभि में अमृत होने का रहस्य बताया। प्रभु श्रीराम ने प्रत्यंचा खींचकर अग्निबाण छोड़ा, जो सीधे रावण की नाभि में लगा। अमृत छलकते ही रावण धराशायी हो गया और उसका विशालकाय पुतला धू-धू कर जल उठा।
आतिशबाजी और रंग-बिरंगी रोशनी ने विजयदशमी की शाम को यादगार बना दिया। मैदान में मौजूद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने परिवार के साथ इस दृश्य का आनंद लिया। कई लोग मोबाइल में तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। इस मौके पर हनुमान, सुग्रीव, अंगद और जामवंत सहित वानर सेना के जयघोष के बीच श्रीराम की विजय का उत्सव मनाया गया।
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