दीपक स्वयं जलकर करता है सभी का अन्धकार दूर
उत्तम क्षमा से शुरू हुआ बिल्सी में पर्युषण पर्व का पहला दिन
बिल्सी:- नगर के मोहल्ला संख्या 2 स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभू दिगंबर जैन मंदिर एवं साहवगंज स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में में शुरू हुए दस दिवसीय पर्युषण पर्व के पहले दिन यहां उत्तम क्षमा के रूप में मनाया गया ,जिसमे जैन धर्मालंबियों के द्वारा प्रीत जैन,संभव जैन,नमन जैन,अभिषेक जैन,पंकज जैन आदि ने भगवान जिनेन्द्र स्वामी का मंगल जलाभिषेक के साथ शांतिधारा की ,इसके बाद विधिवत पूजा अर्चना की गई । यहां प्रवचन के माध्यम से पर्युषण पर्व के बारे में लोगों को बताया गया कि जैन धर्म के दिगम्बर अनुयायियों द्वारा आदर्श अवस्था में अपनाये जाने वाले गुणों को दशलक्षण धर्म कहा जाता है। इसके अनुसार जीवन में सुख-शांति के लिए उत्तम क्षर्मा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, अकिंचन और ब्रह्मचर्य आदि दशलक्षण धर्मों का पालन हर मनुष्य को करना चाहिए । वक्ताओं ने कहा ,की दीपक स्वम् जलकर हम सब का अन्धकार दूर करता है । यह की परोक्ष रूप से हमे संकल्प लेना चाहिए कि हम मन, वचन और काया से जानते हुए या अनजाने में किसी भी हिंसा की गतिविधि में भाग न तो स्वयं लेंगे, न दूसरों को लेने को कहेंगे और न लेने वालों का अनुमोदन करें , इसके अनुसार क्षमा माँगने से ज्यादा जरूरी क्षमा करना है। क्षमा देने से आप अन्य समस्त जीवों को अभयदान देते हैं और उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। तब आप संयम और विवेक का अनुसरण करेंगे, आत्मिक शांति अनुभव करेंगे और सभी जीवों और पदार्थों के प्रति मैत्री भाव रखेंगे। आत्मा तभी शुद्ध रह सकती है जब वह अपने सेबाहर हस्तक्षेप न करे और बाहरी तत्व से विचलित न हो। क्षमा-भाव इसका मूलमंत्र है। शाम को बच्चो की भजन एवं मंत्र सुनाओ प्रतियोगिता वीरांगना मंडल की ओर से कार्यक्रम संचालक नीरेश जैन द्वारा आयोजित कराई गई भजन प्रतियोगिता में आदि जैन एवं मंत्र सुनाओ प्रतियोगिता में काशवी जैन अव्वल रहीं। कार्यक्रम से पूर्व आचार्य मांग तुंग जी द्वारा लिखित भक्तांमर पाठ का 48 दीपको को प्रवजलित कर पाठ किया गया इस अवसर पर मृगांक जैन, अनिल जैन सोनी,प्रशांत जैन नीरज जैन ,नीरेश जैन,अरिहंत जैन ,उपकार जैन,डॉ आरती जैन,मानसी जैन,स्वीटी जैन,मोना जैन,बबिता जैन,रेखा जैन,रीता जैन,ममता जैन,दिव्या जैन,ज्योति जैन आदि लोग उपस्थित रहे ।
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