3:48 pm Tuesday , 8 September 2026
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बागपत हादसा- ICU में मां-बाप, तालाब किनारे मासूम: ‘पापा हमें देख लो’ कहे बिना ही दफन हो गए गौरव-दीक्षा, मां आखिरी चेहरा भी न देख सकी

बागपत हादसा- ICU में मां-बाप, तालाब किनारे मासूम: ‘पापा हमें देख लो’ कहे बिना ही दफन हो गए गौरव-दीक्षा, मां आखिरी चेहरा भी न देख सकी।

संपादक – सुशील धींगडा की कलम से।

बदायूं 8 सितंबर ।

दो छोटे-छोटे ताबूत नहीं, दो गठरियां थीं। गांव के तालाब किनारे गड्ढा खोदा गया। ताऊ ने एक को गोद में लिया, दादा ने दूसरे को। मिट्टी दी तो गांव की महिलाओं ने मुंह फेर लिया।

ये गौरव और दीक्षा थे। उम्र 5 और 7 साल। राजस्थान के बागड़ धाम से लौट रहे थे। पिकअप में पापा विकास और मम्मी सोनी के बीच बैठे थे। बागपत के खेकड़ा में रात 1 बजे कैंटर ने पिकअप को उड़ाया। पिकअप डिवाइडर से टकराकर पलट गई। लाशें 30 मीटर तक बिखर गईं।

अब पापा विकास और मम्मी सोनी मेरठ के ICU में वेंटिलेटर पर हैं। उन्हें होश नहीं कि उनके दोनों बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्हें पता भी नहीं चला कि उनके मासूमों को गांव के तालाब किनारे दफना दिया गया है। बच्चे जाते-जाते ‘पापा’ भी नहीं कह पाए।

यही कहानी जरीफनगर के जितेंद्र की है। 11 साल का जितेंद्र। पिता नेनपाल और मां सुल्तान बागपत के जिला अस्पताल में भर्ती हैं। बेटा मर गया, पर मां-बाप उसका आखिरी चेहरा भी नहीं देख सके। सुबह जब शव गांव पहुंचा तो बड़ा भाई दुर्वेश फूट-फूटकर रोया। छोटे भाई शिशुपाल के साथ मिलकर महावा नदी किनारे उसे दफनाया। पिता का कंधा नसीब नहीं हुआ।

अल्लापुर चमारी में तो मंजर ही अलग था। सोमवार रात 12 बजे के बाद एक के बाद एक 6 शव गांव पहुंचे – साधू यादव, पत्नी मुन्नी देवी, भाई प्रेम सिंह, भगवती देवी, रामेश्वर और मूर्ति देवी। रातभर किसी घर में चूल्हा नहीं जला।

मंगलवार को गांव से 6 अर्थियां एक साथ उठीं। आगे-आगे 6 लाशें, पीछे पूरा गांव। कछला गंगा घाट पर जब एक साथ 6 चिताओं को मुखाग्नि दी गई, तो वहां खड़े लोगों ने आंखें बंद कर लीं। 6 धुएं एक साथ उठे। गंगा किनारा सन्न रह गया।

इन्हीं 6 चिताओं में साधू और मुन्नी देवी भी थीं। उनकी बेटी बेगा शव से लिपटकर इतना रोई कि कई बार बेहोश हो गई। जब अंतिम यात्रा घाट की ओर चली तो वो सदमे में बड़बड़ाने लगी – ‘ ओर वो अचेत हो गई।

राजस्थान से 32 लोग निकले थे। 13 की मौत हो गई। 12 का अंतिम संस्कार मंगलवार को हुआ। अल्लापुर में 6 चिताएं, चेतूनगला के सुगड़पाल का गंगा किनारे अंतिम संस्कार, मुजरिया के गौरव-दीक्षा तालाब किनारे दफन, जितेंद्र नदी किनारे दफन।

डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा,पूर्व विधायक धर्मेन्द्र शाक्य,सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव,भाजपा नेता शारदेन्दु पाठक,पूर्व ब्लाक प्रमुख हरवंश यादव, सपा नेता सुनील यादव गांव पहुंचे। भरोसा दिया। पर जिनके घर में ICU में मां-बाप हैं और तालाब किनारे बच्चे दफन हैं, उन्हें भरोसे से क्या होगा?

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