लखनऊ। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा का स्थापना दिवस समारोह राजधानी लखनऊ में साहित्यिक गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रदेश के सभी 75 जिलों में साहित्य सभा की इकाइयाँ सक्रिय हैं और स्थापना दिवस के अवसर पर इन सभी इकाइयों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। समारोह में सम्मान समारोह एवं साहित्यकारों के संगम का विशेष आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, बदायूँ इकाई के संरक्षक एवं वरिष्ठ गीतकार श्री नरेंद्र गरल के गीत-संग्रह ‘पंख’ का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता, वरिष्ठ कवि प्रवीण शुक्ल, डॉ. विष्णु सक्सेना, डॉ. शिवओम अंबर, श्री बलराम श्रीवास्तव तथा उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के प्रधान डॉ. सर्वेश अस्थाना सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह में उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, बदायूँ के वर्तमान संयोजक डॉ. गीतम सिंह की पुस्तक ‘क्या ज़माना था’ का भी लोकार्पण किया गया। दोनों पुस्तकों के लोकार्पण ने बदायूँ की साहित्यिक सक्रियता और सृजनशीलता को प्रदेश के व्यापक साहित्यिक मंच पर विशेष पहचान दिलाई।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की केंद्रीय कार्यकारिणी की उपाध्यक्षा डॉ. सोनरूपा विशाल ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश के लगभग 30 जिलों से साहित्य सभा के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। इसके अतिरिक्त लखनऊ के बड़ी संख्या में साहित्यकार, साहित्यप्रेमी, प्रशासनिक अधिकारी तथा राजनीति और सामाजिक क्षेत्र के अनेक विशिष्ट लोग उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेशभर के साहित्यकारों को एक साझा मंच पर लाने के साथ-साथ विभिन्न जिलों की साहित्यिक गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण रहा। स्थापना दिवस का यह आयोजन उत्तर प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक परंपरा, वर्तमान सृजनशीलता और साहित्यकारों के आपसी संवाद का सुंदर संगम बनकर सामने आया।
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