व्यापारियों के प्रति उदार नीति बनाए बैंक: नवनीत गुप्ता शोंटू
बदायूं 28अक्टूबर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आव्हान पर आज जिलाधिकारी कार्यालय पर बैंकों के द्वारा व्यापारियों के किया जा रहे उत्पीड़न एवं केंद्र सरकार द्वारा बैंकों में जमा पूंजी पर नए-नए टैक्स लगाने के विरोध में जिला अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम न्यायायिक कुमार चंद्र के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन पत्र प्रेषित किया गया
जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि नगद लेन देन की सीमा
आयकर कानून के हिसाब से ₹20000/ निर्धारित की गई है अधिकांश व्यापारिक लेनदेन के कार्य बैंक द्वारा किए जाते बैंकों का अवकाश होने के कारण व्यापारिक लेनदेन के कार्य टालने पड़ते हैं जिससे व्यापारी के साथ-साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान होता है इसलिए सभी सरकारी बैंकों को अधिकतम दिवस में खोला जाए
बैंकों द्वारा बचत खाते पर मामूली ब्याज दिया जाता है तथा चालू खाते पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है इसलिए मिनिमम बैलेंस पेनेल्टी को समाप्त किया जाये
चेक डिसऑनर होने की दशा में भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी/उद्यमी का कोई दोष नहीं होता है परंतु बैंकों द्वारा चेक जारी करने व भुगतान प्राप्त करने वाले दोनों व्यापारियों/उद्यमी पर चेक डिसऑनर चार्ज लगाया जाता है चेक डिसऑनर चार्ज चेक वापस होने की दशा में सिर्फ चेक जारी करने वाले के विरुद्ध लगाया जाए
बैंकों द्वारा नगद रुपए जमा करने व निकलने पर कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जा रहा है जबकि चालू खाते में व्यापारी /उद्यमी को कोई ब्याज नहीं दिया जाता है तथा लिमिट अकाउंट में व्यापारी /उद्यमी बैंक से प्राप्त कर्ज पर बैंक को ब्याज क्या भुगतान करता है बैंक व इनकम टैक्स के नियम के अनुसार लिमिट अकाउंट का सभी लेनदेन लिमिट अकाउंट से होना चाहिए तथा प्राप्त बिक्री का पैसा भी प्रतिदिन बैंक में जमा करना चाहिए भुगतान की आवश्यकता पर पैसा बैंक से मंगाया जाता है बैंको द्वारा कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जाना बिल्कुल अनुचित है इसे समाप्त किया जाये
व्यापारी /उद्यमी द्वारा लोन /लिमिट प्राप्त करते समय बैंक को प्रॉपर्टी के कागज लीगल व वैल्यूएशन करा कर तथा बैंक के नियम अनुसार सभी कार्रवाई पूर्ण की जाती है परंतु उसके बाद भी हर साल रिनवाल व प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन के नाम पर भारी खर्च व्यापारी/उद्यमी से वसूला जाता है जबकि लोन/ लिमिट अकाउंट पूरी तरीके से रेगुलर चल रहे होते हैं
बैंकों द्वारा 3 माह के ब्याज ना जमा होने व अन्य कई टेक्निकल कारणो से व्यापारी /उद्यमी के लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया जाता है जिस व्यापारी /उद्यमी का लेनदेन बंद होने के कारण चलता हुआ अच्छा खासा व्यापार नष्ट हो जाता है अतः आपसे अनुरोध है कि लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए करने का समय 3 माह से बढ़कर 6 माह किया जाए तथा टेक्निकल कारणो में व्यापारी को सुधार का अवसर प्रदान किया जाए जिससे व्यापारी/उद्यमी का व्यापार सही प्रकार से चल पाएगा वह बैंकों को भी अनावश्यक मुकदमे बाजी से मुक्ति मिलेग
बैंकों द्वारा लगातार खातेदार को को केवाईसी के नाम पर बैंक में बुलाकर परेशान किया जाता है केवाईसी की सीमा बढ़कर 10 वर्ष किए जाने के आदेश जारी किए जाये
बैंकों द्वारा विभिन्न प्रकार के अकाउंट मेंटेन चार्ज लगाए जा रहे हैं व्यापारी हित में सभी प्रकार के अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज समाप्त किए जायें इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी, जिला उपाध्यक्ष विनय गुप्ता , सौरभ तोमर , पवन वैश्य, नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, नगर महामंत्री संजय रस्तोगी , जमील अहमद, अकमल सैफी, सौरभ गुप्ता, आदि लोग मौजूद रहे
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