8:36 am Thursday , 22 October 2026
BREAKING NEWS

नमस्ते जी – आचार्य संजीव रूप

*🙏🏻नमस्ते जी – आचार्य संजीव रूप*

🕉️*आज का पंचांग व संकल्प*🕉️

🚩 *आश्विन – शुक्ल- एकादशी २०८३* 🚩

🪷 **2 2* अक्टूबर 2026* 🪷~~~~~~~~~~~~~~~
दिन —– *गुरुवार*
तिथि—- *एकादशी*
नक्षत्र — *शतभिषा*
पक्ष —— *शुक्ल*
माह– — *आश्विन*
ऋतु — *शरद*
सूर्य —- *दक्षिणायन* *गोल — *दक्षिण*
विक्रम सम्वत — *2083*
दयानन्दाब्द — 202
शक सम्बत -. 1948
कलयुगाब्द,: 5127
सृष्टिसम्वत- 1960853127
*सूर्योदय-/सूर्यास्त* दिल्ली- 6: 26/ 5:44 लखनऊ : 6:14 / 5:32
*सूर्य : तुला राशि / चन्द्र : *कुम्भ*
ब्रह्म मुहूर्त : 4 :54 से 5ः 42 AM तक

🌹 *रूप वाणी*
सेवा के लिए हमेशा धन की आवश्यकता नहीं होती , किसी को सही सलाह देना , दुखी व्यक्ति की बात सुनना और जरूरतमंद का हाथ पकड़ना भी सेवा है

🍅 *पहला सुख निरोगी काया*
स्वस्थ जीवन के सूत्र :
मन को प्रसन्न रखें – हँसें , अच्छे लोगों के साथ रहें और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा दें

🌷 *संजीव रूप*
वेदकथाकार,पुरोहित, कवि ,
-यज्ञतीर्थ- गुधनी-बदायूँ(उप्र)
*9997386782
9870989072 –

*हिन्दी संकल्प पाठ* 🏵

हे परमात्मन् आपको नमन! आपकी कृपा से. मैं आज एक यज्ञ कर्म को तत्पर हूँ, आज एक ब्रह्म दिवस के दूसरे प्रहर कि जिसमें वैवस्वत मन्वन्तर वर्तमान है,अट्ठाईसवीं चतुर्युगी का कलियुग वर्तमान है। सृष्टि सम्वत एक अरब छियाननवे करोड़ आठ लाख तिरेपन हजार एक सौ सत्ताईसवां है,कलियुगाब्द 5127, विक्रम सम्वत् दो हजार तिरासी है,दयानन्दाब्द 2O2 वां है, सूर्य दक्षिण अयन में दक्षिण गोल में वर्तमान है ,कि *शरद ऋतु* माह *आश्विन* *शुक्ल पक्ष- तिथि- एकादशी * नक्षत्र *शतभिषा* है, आज *गुरुवार 22′ अक्टूबर 2026* को भरतखण्ड के आर्यावर्त देश के अंतर्गत, ..प्रदेश के ….जनपद…के ..ग्राम/शहर…में स्थित (निज घर में,या आर्यसमाज मंदिर में मैं …अमुक गोत्र में उत्पन्न, पितामह श्री ….(नाम लें ).के सुपुत्र श्री .(पिता का नाम लें)उनका पुत्र मैं …आज सुख ,शान्ति ,समृद्धि के लिए तथा आत्मकल्याण के लिए प्रातः वेला में यज्ञ का संकल्प लेता हूँ!(ऋत्विक वरण)- जिसके निर्देशक /ब्रह्मा के रूप में आप आचार्य….. श्री का वरण करता हूँ,

🕉️ *संस्कृत संकल्प पाठ:*🕉

*ओं तत्सद्।श्री ब्रह्मणो दिवसे द्वितीये प्रहरार्धे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे , एकोवृन्दः षण्णवतिकोटि: अष्टलक्षाणि त्रिपञ्चाशत्सहस्राणि सप्तविंन्शत्युत्तरशततमे सृष्टिसंवत्सरे, पञ्चसहस्त्राणि सप्तविंशत्युत्तरशततमे कलियुगे, त्र्यशीति – द्विसहस्रतमे , वैक्रमाब्दे ,, शाके 1948 दयानन्दाब्दे( द्वयाधिकद्वि शततमे ) 202 , रवि दक्षिणायने, दक्षिण गोले* *शरद* ऋतौ, *आश्विन मासे*, *शुक्ल पक्षे, एकादशी- तिथि , शतभिषा नक्षत्रे , गुरुवासरे* *तदनुसारम् आङ्गलाब्द 2026 … अक्टूबर मासः, 22 दिनाङ्क*।
जम्बूद्वीपे,…
भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर् गते ………प्रदेशे ,……..जनपदे.. ..नगरे……गोत्रोत्पन्नः….श्रीमान्.(पितामह)….(पिता..).पुत्रस्य… अहम् .'(स्वयं का नाम)…..अद्य प्रातः कालीन वेलायाम् सुख शान्ति समृद्धि हितार्थआत्मकल्याणार्थम् , रोग -शोक निवारणार्थम् . सर्वेषां कृते मङ्गलमयं भूयात्!🙏 “

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.