उझानी-बदांयू 19 सितंबर।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले 116 शेखूपुर विधानसभा सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा से उझानी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरबंश यादव पहलवान ने अपनी दावेदारी ठोक दी है। जातिगत समीकरणों का हवाला देते हुए उन्होंने टिकट मिलने पर जीत का दावा किया है।
हरबंश यादव इन दिनों लगातार शेखूपुर क्षेत्र में सक्रिय हैं और गांव-गांव जाकर अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
जातिगत समीकरण पर है नजर
हरबंश यादव का कहना है कि शेखूपुर में उनका समीकरण सबसे सटीक बैठता है। उनके मुताबिक, यादव, मौर्य-शाक्य, ठाकुर, ब्राह्मण, बनिया और भाजपा के कोर वोट बैंक के सहारे वह चुनाव निकाल लेंगे।
उनका दावा है कि अगर पार्टी उन पर दांव लगाती है तो वह निश्चित जीत हासिल करेंगे।
शेखूपुर का सियासी इतिहास
आपको बता दें कि शेखूपुर विधानसभा 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी।
पहले चुनाव 2012 में यहां से सपा के आशीष यादव विधायक बने।
2017 में भाजपा के धर्मेंद्र शाक्य ने आशीष यादव को हराया।
2022 में सपा के युवा चेहरे हिमांशु यादव ने भाजपा के धर्मेंद्र शाक्य को करीब 6100 वोटों से हराकर सीट पर कब्जा जमाया।
4 लाख वोटर, निर्णायक है MY फैक्टर
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शेखूपुर में करीब 4 लाख 3 हजार मतदाता हैं। यहां जातिगत आंकड़े हमेशा से निर्णायक रहे हैं।
अनुमानित जातिगत आंकड़ा
– मुस्लिम मतदाता – करीब 1 लाख
– यादव मतदाता – 80 से 85 हजार
– मौर्य-शाक्य – करीब 60 हजार
– अनुसूचित जाति – करीब 60 हजार
– ठाकुर – करीब 20 हजार
– ब्राह्मण – करीब 4 हजार
– अन्य जातियां – शेष
इसी वजह से यहां अब तक MY फैक्टर ही विधायक बनाने में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है।
देहात की समस्याओं को बनाया मुद्दा
हरबंश यादव ने कहा कि शेखूपुर का ज्यादातर हिस्सा देहात का है, जहां आज भी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं। खराब सड़कें, बिजली-पानी की किल्लत, गंगा की बाढ़, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं में सुधार की सख्त जरूरत है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर वह जनता के बीच जा रहे हैं और उन्हें जनता का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर पार्टी ने मौका दिया तो इन सभी समस्याओं को दूर करने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
राजेश वार्ष्णेय एमके।

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