
भाजपा मंडल अध्यक्ष के नाम पर धौंस, सरकारी अस्पताल में प्रसूता के पति से अभद्रता, CMO से शिकायत।
उझानी-बदांयू 16 सितंबर।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उझानी में एक बार फिर भ्रष्टाचार और अभद्रता का गंभीर मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला के पति से डिलीवरी के नाम पर 2000 रुपये की रिश्वत मांगी गई। रुपये न देने पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सों ने न सिर्फ गाली-गलौज की बल्कि चप्पल निकालकर पीटने और कपड़े फाड़कर झूठे केस में फंसाने तक की धमकी दे डाली।
पूरा मामला कस्बा उझानी के मोहल्ला गंजशहीदा का है। पीड़ित जितेन्द्र पुत्र नन्हें निवासी गंजशहीदा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायत पत्र के अनुसार 5 सितंबर की शाम उनकी पत्नी रेनू को प्रसव पीड़ा हुई। जितेन्द्र पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उझानी पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद स्टाफ नर्स शिवानी ने जांच के बाद 2000 रुपये की मांग की। जितेन्द्र ने कहा कि यह सरकारी अस्पताल है, यहां पैसे नहीं लिए जाते, तो स्टाफ नर्स शिवानी और उसकी सहयोगी महनाज ने उसके और परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने 200-300 रुपये देने की बात कही तो नर्स आग बबूला हो गईं और बोलीं – जब पैसे नहीं हैं तो बच्चे क्यों पैदा करते हो, मुंह उठाकर यहां क्यों चले आये।
इतना ही नहीं, आरोप है कि नर्सों ने पैर से चप्पल निकाल ली और कहा- अभी चप्पलों से तेरा मुंह टेढ़ा कर देंगे और अपने कपड़े फाड़कर तुझे झूठे केस में फंसा देंगे, तू हमें जानता नहीं। हमारे देवर भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं, तू हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
पीड़ित ने इसकी मौखिक शिकायत चिकित्साधीक्षक डॉ. देवेन्द्र मौर्य से भी की, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया और उसे भगा दिया गया। मजबूर होकर पीड़ित ने डायल 112 पर कॉल की, पुलिस भी खानापूर्ति कर चली गई।
पीड़ित जितेन्द्र का कहना है कि शिकायत के बाद से उसे तरह-तरह की धमकियां मिल रही हैं, जिससे उसका पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है।
पीड़ित ने सीएमओ से दोषी स्टाफ नर्स शिवानी व उसकी सहयोगी महनाज के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि चिकित्सा अधीक्षक उझानी और मुख्यमंत्री पोर्टल लखनऊ को भी भेजी गई है।
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