यज्ञ तीर्थ गुधनी में हुआ साप्ताहिक सत्संग
आत्मिक उन्नति के बिना दुःखों से नहीं होती मुक्ति : आचार्य संजीव रूप
बिल्सी। यज्ञ तीर्थ गुधनी स्थित यज्ञ मंदिर में रविवार, 13 सितंबर 2026 को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ एवं वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। आर्य संस्कारशाला के बच्चों ने सुंदर भजन प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर सरस वेद कथाकार आचार्य संजीव रूप ने कहा कि मनुष्य के जीवन का वास्तविक कल्याण आत्मज्ञान, सत्य, सदाचार और सेवा में है। उन्होंने कहा कि वेद मनुष्य को श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं तथा यज्ञ और सत्संग से जीवन में सकारात्मक विचारों का विकास होता है।
पं प्रश्रय आर्य ने कहा कि बच्चों में संस्कार निर्माण के लिए आर्य संस्कारशाला का महत्वपूर्ण योगदान है। नियमित सत्संग और वैदिक शिक्षा से बच्चों में अच्छे संस्कारों के साथ समाज सेवा की भावना भी विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि परिवार में यदि प्रतिदिन सत्य, सदाचार और ईश्वर-चिंतन का वातावरण बने तो आने वाली पीढ़ी संस्कारवान और चरित्रवान बनेगी।
कार्यक्रम में श्रीमती सूरजवती देवी, राकेश आर्य, श्रीमती लीलावती देवी, बद्री प्रसाद आर्य, श्रीमती कमलेश रानी, कुमारी कौशिकी आदि मौजूद रहे।
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com


