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मदर एथीना स्कूल में हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन, विद्यार्थियों ने उठाई पर्यावरण संरक्षण की बुलंद आवाज

बदायूं

मदर एथीना स्कूल में हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन, विद्यार्थियों ने उठाई पर्यावरण संरक्षण की बुलंद आवाज

केशव गुप्ता

“प्रकृति की पुकार: जिम्मेदार कौन?” विषय पर छात्रों ने रखे विचार, पर्यावरण संरक्षण को बताया भविष्य की सुरक्षा का आधार

बदायूं। मदर एथीना स्कूल में हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने “प्रकृति की पुकार: जिम्मेदार कौन?”, “आपदा या असावधानी: पर्यावरण संरक्षण ही एकमात्र समाधान” तथा “सृष्टि का संतुलन और हमारी जिम्मेदारी” जैसे विषयों पर भाषण प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने अपने वक्तव्य के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन, प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और पर्यावरण के प्रति बढ़ती लापरवाही के दुष्परिणामों को सामने रखा।
विद्यार्थियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को केवल प्राकृतिक घटना मानकर अपनी जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरणीय संतुलन लगातार प्रभावित हो रहा है, जिसका असर जलवायु परिवर्तन, अत्यधिक वर्षा, सूखा, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक संकटों के रूप में देखने को मिल रहा है।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “क्या हम ही हैं प्राकृतिक आपदाओं के जिम्मेदार?” जैसे सवाल उठाते हुए समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, वक्तृत्व कला और विचार प्रस्तुत करने की शैली ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाती हैं।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—“प्रकृति की रक्षा, भविष्य की सुरक्षा।” विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए समाज से भी प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनने की अपील की।

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