1:53 pm Friday , 11 September 2026
BREAKING NEWS

बदायूं में हाईकोर्ट के फर्जी जमानत आदेश पेश करने पर अधिवक्ता पर FIR

बदायूं में हाईकोर्ट के फर्जी जमानत आदेश पेश करने पर अधिवक्ता पर FIR।

बदायूं 11 सितंबर।

जिला न्यायालय में हाईकोर्ट इलाहाबाद के फर्जी और कूटरचित जमानत आदेश पेश करने का गंभीर मामला सामने आया है। कोर्ट के सत्र लिपिक की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में अधिवक्ता और पैरोकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक भूप सिंह को सौंपी गई है।

FIR के अनुसार वादी राहुल कटियार सत्र लिपिक, न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), बदायूं के पद पर कार्यरत हैं।

आरोप है कि दिनांक 01 सितंबर को अधिवक्ता कंचन (रजि नं- UP02299/22, COP NO. 263494) के द्वारा दो प्रार्थना पत्र जमानत धनराशि निर्धारण हेतु प्रस्तुत किए गए।

प्रथम प्रार्थना पत्र के साथ मा. उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के जमानत 24153/2026 में पारित आदेश की प्रति और दूसरे प्रार्थना पत्र के साथ मा. उच्च न्यायालय, इलाहाबाद जमानत प्रार्थना पत्र सं. 23876/2026 में पारित आदेश दिनांकित 23.07.2026 की प्रति संलग्न की गयी थी।

उक्त प्रार्थना पत्रों के साथ अभियुक्त किशनपाल की ओर से पैरोकार श्रीमती बृजेश पत्नी किशनपाल ग्राम जनेटा थाना बनियाठेर जिला संभल के शपथ पत्र प्रस्तुत किये गये थे।

माननीय उच्च न्यायालय के उक्त जमानत आदेशों को सत्यापन हेतु न्यायालय के कम्प्यूटर अनुभाग भेजे गये। कम्प्यूटर अनुभाग की आख्या अनुसार उक्त अधिवक्ता के द्वारा उपर्युक्त प्रस्तुत प्रकीर्ण जमानत प्रार्थना पत्रों के आदेशों व माननीय उच्च न्यायालय की बेबसाइट पर उपलब्ध डाटा में अभियुक्त के नाम में भिन्नता पायी गयी।

इस प्रकार अभियुक्त के विद्वान अधिवक्ता कंचन व उसके पैरोकार श्रीमती बृजेश के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय का फर्जी कूटरचित जमानत आदेश माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय के फर्जी आदेश को लाभ लिये जाने के प्रयास से सम्बन्धित है एवं अत्यन्त गम्भीर प्रकृति का है।

इस संबंध में दिनांक 05.09.2026 को सत्र लिपिक राहुल कटियार ने प्रभारी निरीक्षक थाना सिविल लाइन, बदायूं को तहरीर देकर नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

विज्ञापन एक्सप्रेस