12:57 pm Friday , 14 August 2026
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रोजी-रोटी से परेशान किसान- उझानी कादरचौक रोड पर सडक किनारे की सेकडो बीघा ज़मीन निगल गया नाले का गंदा पानी।

हाईकोर्ट का आदेश नाले के डायवर्जन का जल निगम व नगर पालिका ने हवा में उड़ाया।

100 बीघा से ज्यादा उपजाऊ ज़मीन समाई नाले के गंदे पानी में, कुछ दिनों बाद पानी दिखाई देगा सडक पर।

उझानी बदांयू 8 मार्च।कोतवाली क्षेत्र के नरऊ गांव के किसानों का बदकिस्मती पीछा छोड़ने को तैयार नहीं, पहले नगरपालिका के गंदे नाले के पानी से लगभग चार गांव के तीन सो बीघा ज़मीन पर तालाब में ज़मीनें समां गई। हाइवे बनने से तालाब तो सूख गया, लेकिन अब कादर चौक रोड व नरऊ जाने वाले रास्ते की सडक किनारे की उपजाऊ व कीमती लगभग डेढ़ सो बीघा ज़मीन गंदे पानी में समां गई।

नगर पालिका व जल निगम को हाइकोर्ट से गंदे पानी को डायवर्ट कर भैसोर नदी में गिराने का आदेश भी हवा में उडा दिया गया। ग्रामीणों ने कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में 100 दिन तक आमरण अनशन किया, कमल प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में नगरपालिका के खिलाफ जनसुनवाई याचिका लगाई।

हाईकोर्ट से आदेश भी हुआ, नाले के पानी के जल्द डायवर्जन के आश्वासन पर धरना-अनशन समाप्त भी हुआ मगर चार माह बीतने के बाद भी ना जल निगम ओर ना ही नगरपालिका ने करवट बदली।

अब इन किसानों की जमीन नाले के पानी में समाई।

राजपाल – 6 बीघा
लोकेन्द्रसिंह -20 बीघा
हरवेन्द्र सिंह -10 बीघा
शेलेन्द्र सिंह -10 बीघा
कमलप्रताप सिंह -16 बीघा
महीपाल -2 बीघा
नरेंद्र -4 बीघा

इसी तरह बावू,सूरजपाल, विद्या राम,गंगा सिंह, विजय साहू, गुलफाम, पप्पू जैन,अभिलाख, योगेन्द्र सिंह आदि की भी काफी ज़मीनें गंदे पानी में समां चुकी है खेती तो दूर पानी इतना कि उसमें उतरना भी खतरे से खाली नहीं जलकुंभी (घास) की फसल उग रही है।


सरसों गेंहू की फसल काटने के बाद बडे आंदोलन की तैयारी में है किसान।

जिन किसानों की जमीनें गंदे पानी के नाले में समा गई है वह बोले सरसों व गेंहू की कटाई कर एक साल के खाने का इंतजाम कर ले, उसके बाद कांग्रेसियों संग जल निगम व नगरपालिका के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वेसे भी रोजी-रोटी की तलाश में बच्चों को अन्य शहरों में जाकर मेहनत मजदूरी करनी पड रही है।—————

कहीं देर ना हो जाए -सडक से पानी 6 इंच नीचे।

अगर शहर का गंदा पानी इसी तरह खेतों की ओर जाता रहा ,या किसी दिन बारिश तेज हो जाऐ तो वह दिन दूर नहीं कि पानी कादरचौक मार्ग सहित नरऊ जाने वाली सड़कों पर वहे क्योंकि पानी सडक से 6 इंच नीचे है।

बोले सफाई निरीक्षक –

शहर के नाले के पानी को डायवर्ट करने की जिम्मेदारी जल निगम की है, नगरपालिका को जमीन मुहैया करानी थी, दो जगह जमीन खरीदकर जल निगम को दे दी गई है।
हरीश कुमार त्यागी, खाद्य व सफाई निरीक्षक नगरपालिका उझानी।

राजेश वार्ष्णेय एमके।

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