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बदांयू 4 सितंबर।
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को अब जेनरिक दवाएं ही लिखनी होंगी। प्रमुख सचिव के आदेश पर सीएमओ ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को जेनरिक और प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पर उपलब्ध दवाएं लिखने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सीएमओ और समस्त अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को जेनरिक दवाओं के संदर्भ में पत्र भेजा है जिसके अनुसार अब जिले के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क दवा वितरित की जा रही हैं। मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा था कि डॉक्टर अगर सिर्फ जेनरिक दवाएं लिखें तो दवा कंपनियों की रिश्वतखोरी बंद हो सकती है।
दवा कंपनियां अत्याधिक और तर्कहीन दवाएं लिखने के लिए डॉक्टरों पर दबाव बनाते हैं। उन्हें खास ब्रांड पर जोर देने के लिए रिश्वत की पेशकश करते हैं। इस पर अंकुश तभी लगेगा जब डॉक्टरों के लिए जेनरिक दवाएं ही लिखने का वैधानिक आदेश आएगा।
मालूम रहे कि पहले भी सरकारी चिकित्सालयों में दवाएं नहीं होने पर चिकित्सकों को जेनरिक दवाएं लिखने का आदेश दिया गया था लेकिन अधिकांश जगह प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित होने पर भी चिकित्सक ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं लिख रहे हैं। प्रमुख सचिव ने ऐसे चिकित्सक एवं प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
प्रमुख सचिव के आदेश से सभी चिकित्सा अधीक्षकों को अवगत कराया जा रहा है। सभी चिकित्सक केंद्र पर दवा नहीं होने पर जेनरिक दवा ही लिखेंगे। – डॉ रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ बदायूं।












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