6:32 pm Friday , 14 August 2026
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डॉ राजेश वर्मा के खिलाफ संगीन आरोप, अस्पताल बना अराजकता का केंद्र

बदांयू 10 जुलाई।

बदायूं जिला अस्पताल इन दिनों इलाज का नहीं, बल्कि हिंसा और अराजकता का पर्याय बन चुका है। इस पूरे विवाद के केंद्र में अब वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश वर्मा का नाम भी सामने आया है।

गुरुवार को अस्पताल के काउंसलर गौरव शंखधार पर जबरदस्त हमला हुआ। करीब 20–25 लोगों ने OPD के कमरे में घुसकर मारपीट की, नकदी और मोबाइल लूटा गया। गौरव ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे किसी और का नहीं बल्कि वरिष्ठ डॉक्टर राजेश वर्मा का हाथ है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर वर्मा ने पहले ही उन्हें धमकी दी थी – “तेरी औकात नहीं, तुझे और तेरे भाई को सबक सिखाऊंगा ”

गौरव के भाई सौरभ को भी अस्पताल परिसर में पीटा गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और डॉक्टर की शह पर हुआ।

हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आ चुका है, जिसमें मारपीट और अफरा-तफरी साफ दिखाई दे रही है। गार्ड्स ने रोकने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी धकेल दिया।

सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह यादव ने दोनों पक्षों की शिकायतें मिलने की पुष्टि की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। वहीं कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि अभी तक किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलते ही जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

अब सवाल यह उठना है कि अगर आरोप सच साबित होते हैं तो क्या एक वरिष्ठ डॉक्टर वर्मा पर कार्रवाई होगी, शायद नहीं उन्होंने सरकारी आदेश को पहले ही राजनीतिक पहुंच के चलते ठेंगा दिखा दिया। उझानी में अस्पताल चलाने के बाद खुलेआम शेखुपुर में नर्सिंग कालेज संचालित करता है। क्या अधिकारियों की आंखें बंद हे।
चिकित्सक ने ओहदे का गलत इस्तेमाल किया?

क्या जिला अस्पताल में अब मरीज नहीं, बल्कि व्यक्तिगत दुश्मनियां तय होंगी?

कहीं डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर कोई ‘माफियागिरी’ तो नहीं चल रही?

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