बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का मालवीय आवास गृह पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन जिला प्रशासन की आपराधिक चुप्पी और उदासीनता बरकरार है। प्रशासन की इस बेरुखी से क्षुब्ध होकर संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। जिलाध्यक्ष सतीश साहू के नेतृत्व में अब किसान बृहस्पतिवार को बरेली कमिश्नरी पहुंचकर मंडलायुक्त (कमिश्नर) को ज्ञापन सौंपेंगे और प्रशासन की नाकामी को उजागर करेंगे।
जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बदायूं शहर में बीएसएनएल ऑफिस के पीछे स्थित सरकारी नाले की कीमती भूमि पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर निर्माण करा लिया है। वहीं दूसरा मामला ग्राम पंचायत बुटला दौलत जूनिईया के मजरा का है, जहां एक असहाय और लाचार महिला प्रेमवती की भूमि को दबंगों व भू-माफियाओं ने फर्जी और अवैध तरीके से अपने नाम बैनामा करा लिया है। जबकि उक्त भूमि का इकरारनामा कई वर्ष पूर्व ही रजिस्टर्ड कराया जा चुका था।
सतीश साहू ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “एक गरीब और लाचार महिला अपनी जमीन बचाने के लिए दर-दर भटक रही है और माफिया खुलेआम धांधली कर रहे हैं। लगभग एक महीने से किसान सड़कों पर बैठे हैं, लेकिन बदायूं प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। क्या प्रशासन भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहा है? जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता और नाले की अवैध भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया जाता, यह लड़ाई जारी रहेगी।”
संगठन ने आगामी रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि आंदोलन को गति देने के लिए कामेश्वरी का विशेष कार्यक्रम बृहस्पतिवार को आयोजित किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को इस दिवस के लिए विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
संगठन के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बृहस्पतिवार को कमिश्नरी स्तर पर भी समस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं हुआ, तो आंदोलन को पूरे मंडल स्तर पर उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बदायूं जिला प्रशासन की होगी।इस मौके पर बीयीशु दास, भगवान दास, शरीफ अब्बासी, कामिनी राशिद हुसैन, दिलशाद हुसैन, प्रेमवती, कृष्ण अवतार शाक्य, कल्लू, नूरुद्दीन आदि लोग मौजूद रहे।
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