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जैविक खेती अपनाकर मिट्टी और पर्यावरण बचाने के लिए किसानों को किया जागरूक

जैविक खेती अपनाकर मिट्टी और पर्यावरण बचाने के लिए किसानों को किया जागरूक

केशव गुप्ता

उसावां में जैविक किसान मेला एवं गोष्ठी का आयोजन, विशेषज्ञों ने किसानों को बताए जैविक खेती के फायदे और फसल सुरक्षा के उपाय

बदायूं, 31 अक्टूबर। मृदा की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास खंड परिसर उसावां में नमामि गंगे जैविक खेती (ईओएफसी) योजना के अंतर्गत तृतीय वर्ष के समूह सदस्यों के लिए एक दिवसीय जैविक किसान मेला एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश क्रॉप डायवर्सिफिकेशन सपोर्ट प्रोजेक्ट (यूपी डास्प) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कार्यदायी संस्था बायोसर्ट इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दातागंज विधायक प्रतिनिधि डॉ. अरविन्द कुमार सिंह ने की।
गोष्ठी में जिला परियोजना समन्वयक, यूपी डास्प ने किसानों को रासायनिक खेती से मृदा और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने जैविक खेती की विभिन्न विधियों, खेती के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान की जानकारी देते हुए जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से दी जा रही अनुदान राशि के बारे में भी बताया।
वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक डॉ. पीके वर्मा ने जैविक विधि से फसल में पोषक तत्वों के प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने कृषि वैज्ञानिक संवाद के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान भी किया। वहीं, सहायक कृषि विकास अधिकारी (कृषि) डॉ. महेश पाल सिंह ने जैविक तरीकों से दीमक एवं फफूंदजनित रोगों की रोकथाम के उपाय बताए।
नमामि गंगे के जिला प्रभारी लवकुश मिश्रा ने पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा जनित रोगों के नियंत्रण और फसल सुरक्षा के लिए जैविक उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करते हुए इसके अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में जिला परियोजना समन्वयक, यूपी डास्प ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर जैविक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
किसानों के जैविक उत्पादों के विपणन और बिक्री को प्रोत्साहित करने के लिए मेले में जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए। इनके माध्यम से किसानों को उत्पादों के प्रचार-प्रसार, विपणन और स्थानीय बाजार में बिक्री के अवसरों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सहायक कृषि विकास अधिकारी डॉ. महेश पाल सिंह, वीटीएम उसावां, पीपीएस उसावां, नमामि गंगे के जिला प्रभारी लवकुश मिश्रा, प्रमाणीकरण संस्था के अवधेश कुमार सिंह एवं पुनीत शर्मा, गठित समूहों के सदस्य, किसान तथा बायोसर्ट इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के क्षेत्रीय कर्मचारी मौजूद रहे।

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