4:56 pm Tuesday , 27 October 2026
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गलत इंजेक्शन से संक्रमण का आरोप, डॉक्टर समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

गलत इंजेक्शन से संक्रमण का आरोप, डॉक्टर समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

केशव गुप्ता

इलाज और ऑपरेशन में एक लाख रुपये खर्च होने का दावा, न्याय के लिए सीजेएम न्यायालय पहुंचा युवक
उसावां (बदायूं)। हरदोई जिले के सांडी कस्बे में एक डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने से गंभीर संक्रमण होने का आरोप लगाते हुए उसावां निवासी युवक ने न्यायालय से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने डॉक्टर पर उपचार के नाम पर 15 हजार रुपये लेने और कथित लापरवाही के चलते इलाज, ऑपरेशन व दवाओं पर करीब एक लाख रुपये खर्च होने का दावा किया है। युवक ने सांडी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और एक हेड कांस्टेबल पर भी अभद्र व्यवहार करने तथा शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले में नीरज कुमार गुप्ता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), बदायूं के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की है।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, उसावां के वार्ड नंबर आठ निवासी नीरज कुमार गुप्ता का आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 को उसकी दुकान पर जीतू वर्मा नाम का एक व्यक्ति पहुंचा था। उसने हरदोई जिले के सांडी कस्बे में बैठने वाले डॉ. सुनील वर्मा को हाइड्रोसील का विशेषज्ञ बताते हुए उनसे संपर्क कराया। इसके बाद 12 अप्रैल को नीरज उपचार के लिए डॉक्टर के पास पहुंचा, जहां उसे दवाएं लिखने के साथ इंजेक्शन लगाया गया। पीड़ित का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद उसके शरीर में प्रतिकूल प्रतिक्रिया होने लगी। शुरुआत में डॉक्टर ने कुछ समय बाद ठीक होने की बात कही, लेकिन परेशानी बढ़ने पर उसने अल्ट्रासाउंड कराया, जिसमें संक्रमण की जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
नीरज के मुताबिक, संबंधित डॉक्टर के उपचार से राहत नहीं मिलने पर उसने दूसरे चिकित्सक से परामर्श लिया। जांच के बाद संक्रमण की जानकारी मिलने पर उसे आगे उपचार और ऑपरेशन कराना पड़ा। पीड़ित का दावा है कि संक्रमण के उपचार, ऑपरेशन और दवाओं पर करीब एक लाख रुपये खर्च हो गए। उसने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में उसे शारीरिक परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
पीड़ित ने पुलिस पर भी सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में तत्कालीन थाना प्रभारी वसंतराम और हेड कांस्टेबल हरिश्याम पर अभद्र व्यवहार करने तथा डॉक्टर से मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। नीरज का कहना है कि शिकायत के सिलसिले में उसे तीन बार सांडी थाने बुलाया गया, जिससे आने-जाने में करीब 20 हजार रुपये खर्च हुए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे बदायूं जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी, लेकिन उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की।
पुलिस से न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए नीरज कुमार गुप्ता ने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। उसने न्यायालय से संबंधित थाने को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना करने का आदेश देने की मांग की है। हालांकि, डॉक्टर और पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में न्यायालय के आदेश और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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