मैनपुरी -बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन शातिर गिरफ्तार।
रिपोर्ट – अरुण कुमार
मैनपुरी 12 सितंबर ।
आम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाने और उन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाकर निकालने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद मुकदमे में कई गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है।
एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों की जांच के दौरान पता चला कि कुछ बैंक खाते मैनपुरी में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खुलवाए गए थे और इन खातों से ठगी की रकम मैनपुरी व फर्रुखाबाद क्षेत्र से निकाली जा रही थी। मामले में थाना साइबर क्राइम में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
संबंधित म्यूल बैंक खातों की जांच और तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि शुरुआती ट्रांजेक्शन शेखर नामक व्यक्ति द्वारा यूपीआई के माध्यम से किया गया था। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और साक्ष्य संकलन के आधार पर साइबर क्राइम टीम ने 11 सितंबर 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य संगठित तरीके से साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे और सभी की भूमिका अलग-अलग थी। शेखर व उसके अन्य साथी आम लोगों को बहला-फुसलाकर पैसों का लालच देते और उनके बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद सुनील गुप्ता इन बैंक खातों का विवरण और पंजीकृत मोबाइल नंबर अपने अन्य साथियों को उपलब्ध कराता था।
गिरोह के सदस्य इन खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे। इसके बाद रूकुम व अन्य साथी एटीएम, पेट्रोल पंप आदि स्थानों से ठगी की रकम निकाल लेते थे। रकम निकालने के बाद गिरोह के सदस्य आपस में हिस्सेदारी बांट लेते थे।
पुलिस ने इस मामले में जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सुनील गुप्ता पुत्र स्व. रामसेवक गुप्ता, निवासी थाने वाली गली, कस्बा व थाना बेवर, रूकुम पुत्र संतोष, निवासी पीपल वाली गली, कस्बा व थाना बेवर और शेखर पुत्र श्यामशरण, निवासी विकास भवन के सामने, दीवानी रोड, थाना कोतवाली मैनपुरी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर पुलिस अब गिरोह में शामिल अन्य साथियों की पहचान और उनकी भूमिका की पड़ताल में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मैनपुरी से अरुण कुमार की रिपोर्ट।
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