5:31 pm Thursday , 13 August 2026
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आनंदित जो तन मन कर दे, ऐसा स्वर्ग धरा पर लायें

धरती का श्रृंगार करें हम, आओ मिलकर वृक्ष लगायें।

आनंदित जो तन मन कर दे, ऐसा स्वर्ग धरा पर लायें।

बिल्सी। बिसौली रोड स्थित पदमांचल जैन मंदिर पर उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य सेवा समिति बदायूं के तत्वावधान में समाज सेवी अरविंद कुमार जैन व वरिष्ठ साहित्यकार सोमेंद्र दादा सोम के जन्मोत्सव के मौके पर एक काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें मुख्य अतिथि रहे ट्री मैन प्रशान्त कुमार जैन और अध्यक्षता मृगांक कुमार जैन ने दी। सबसे पहले यहां सभी कवियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी का शुभांरभ किया।

कवि विष्णु असावा ने सुनाया-

जिनकी किरपा से रखा, धरती पर निज पाँव।

कड़ी धूप में भी रही, शीतलता की छाँव।

मात-पिता, गुरु तीन जो, धरती पर भगवान।

जो चाहो खुद के लिए, वैसा दो सम्मान।।

बदायूं से पधारे कवि विवेक यादव अज्ञानी ने सुनाया-

जला हूं मैं कितना चमकने की खातिर

मगर चंद जुगनूं कहां जानते हैं

राजवीर सिंह ‘तरंग’ ने फरमाया-

धरती का श्रृंगार करें हम, आओ मिलकर वृक्ष लगायें।

आनंदित जो तन मन कर दे, ऐसा स्वर्ग धरा पर लायें।।

अहमद अमजदी बदायूॅंनी ने सुनाया-

गुले उम्मीद हमारा भी आज खिल जाए,

सोमेंद्र जी का जो आशीर्वाद मिल जाए।

नगर के युवा कवि सुवीन माहेश्वरी ने सुनाया-

भावनाओं ने बजाए आज सोये हुए तार हैं

ऐसे तपे कुन्दन को भूल नहीं पायेंगे

ओजस्वी जोहरी ने सुनाया-

हारा हूँ मैं नसीब से मुझे बल नहीं मिला

सहरा के मुसाफिर को कभी जल नहीं मिला।

मैंने भी तो बुने स्वप्न हर रात सलोने

बेहतर हो जो आज से वो कल नहीं मिला।

अचिन मासूम ,विवेक अज्ञानी ,हर गोविंद पाठक ,नरेंद गरल,जोगेंद्र सिंह जुगनू, शेलेन्द्र मिश्रा देव,प्रभाकर सक्सेना, ललतेश ललित ,अमित वर्मा,राजवीर तरंग,आकाश पाठक ने भी काव्य पाठ किया ।

इस मौके पर देव ठाकुर, नीरज अग्निहोत्री ,सोनू माहेश्वरी, वंश गिरी,लक्ष्य माहेश्वरी आदि लोग मौजूद रहे।

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