6:05 pm Thursday , 29 October 2026
BREAKING NEWS

*वनस्पति विज्ञान विभाग में “फेनेटिक्स में पौधों की समानता और अंतर” पर छात्र सेमिनार*

राजकीय महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित 15 दिवसीय छात्र सेमिनार श्रृंखला के चौदहवें दिवस पर “फेनेटिक्स में पौधों की समानता और अंतर” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।
सेमिनार में बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर के छात्र निखिल प्रताप सिंह ने बताया कि फेनेटिक्स, जिसे संख्यात्मक वर्गिकी भी कहा जाता है, पौधों के वर्गीकरण की एक आधुनिक पद्धति है। इसमें पौधों के बाहरी लक्षणों जैसे पत्तियों का आकार, पुष्प की संरचना तथा तने की बनावट के आधार पर उनकी समानता और असमानता का अध्ययन किया जाता है।
प्रतिभागी विद्यार्थियों ने बताया कि कई पौधे बाहर से देखने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन उनके रासायनिक गुणों—जैसे एल्कलॉइड, प्रोटीन और द्वितीयक उपापचयज—में काफी अंतर होता है। इसी प्रकार कुछ पौधों के पुष्पों में रंग और आकार की समानता होती है, जबकि उनकी आंतरिक संरचना और परागण विधि में भिन्नता पाई जाती है।
विद्यार्थियों ने कहा कि फेनेटिक रूप से समान पौधों का उपयोग अक्सर एक ही प्रकार की औषधियों, रेशों या भोजन के रूप में किया जाता है, जिससे उनका आर्थिक महत्व भी बढ़ता है।
सेमिनार के अंत में छात्रों ने फेनेटिक्स और क्लैडिस्टिक्स के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फेनेटिक्स पौधों की बाहरी समानता को दर्शाता है, जबकि क्लैडिस्टिक्स उनके विकासवादी संबंधों को स्पष्ट करता है। दोनों तकनीकों के समन्वय से पौधों को अधिक गहराई, वैज्ञानिकता और सटीकता के साथ समझा जा सकता है, जो जैव-विविधता संरक्षण तथा नई औषधियों की खोज में अत्यंत उपयोगी है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता ने किया।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.