4:54 pm Wednesday , 21 October 2026
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बदायूं- स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह, 41 रजिस्टर्ड तो 100 से ज्यादा फर्जी अस्पतालों का मकड़जाल

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प्रसव के नाम पर चल रहा अवैध कारोबार, बिना डिग्री वाले कर रहे इलाज, नोटिस जारी कर वसूली, मौत पर सील का नाटक।

बदायूं 21 अक्टूबर ।

शहर में स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजों में सक्रिय है, जमीन पर फर्जी अस्पतालों की भरमार है। सरकारी रिकॉर्ड में जिले में सिर्फ 41 नर्सिंग होम रजिस्टर्ड हैं, जबकि हकीकत में शहर की हर सड़क, हर गली-मोहल्ले में 100 से ज्यादा फर्जी अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। बोर्ड पर बड़े-बड़े डॉक्टरों के नाम, अंदर बिना डिग्री वाले कंपाउंडर और ओटी टेक्नीशियन मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।

सबसे बड़ा खेल प्रसव के नाम पर चल रहा है। शहर के बाहरी इलाकों और घनी बस्तियों में खुले ये फर्जी अस्पताल सिर्फ डिलीवरी के लिए खोले गए हैं। न महिला डॉक्टर, न एनेस्थीसिया एक्सपर्ट, फिर भी धड़ल्ले से ऑपरेशन तक हो रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि कई जगह तो ओटी टेक्नीशियन ही खुद सर्जन बनकर चीरा लगा रहा है।

ये कोई छिपा हुआ धंधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के बाबुओं से लेकर अधिकारियों तक सबको पता है कि कौन सा अस्पताल फर्जी है। सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस के बाद विभाग के ही कुछ कर्मचारी अस्पताल संचालक से सौदेबाजी कर लेते हैं और फाइल बंद कर दी जाती है। इसी वजह से इनका मकड़जाल शहर से निकलकर देहात तक फैल गया है।

इन फर्जी अस्पतालों पर ताला तब लगता है जब किसी मरीज की जान चली जाती है। परिजनों के हंगामे के बाद मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया जाता है, फोटो खिंचवा ली जाती है और दो दिन बाद फिर वही अस्पताल दूसरे नाम के बोर्ड से शुरू हो जाता है। आगे क्या कार्रवाई हुई, किसी को नहीं पता।

इस पूरे मामले में सीएमओ डॉ. विकास शर्मा का कहना है कि टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। कार्रवाई भी की जा रही है। अगर कहीं फर्जी अस्पताल चल रहे हैं तो उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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