सहसवान में भाकियू की मासिक पंचायत, किसानों के कर्ज को लेकर उठी आवाज
सहसवान, 15 सितंबर। तहसील परिसर सहसवान में भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत तहसील अध्यक्ष पप्पू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। पंचायत में किसानों की स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ कर्जमाफी और उद्योगपतियों से कर्ज वसूली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
पंचायत के दौरान चार ज्ञापन सौंपे गए। इनमें तीन स्थानीय समस्याओं से संबंधित ज्ञापन एसडीएम, कृषि विभाग के सहायक अधिकारी और सीडीपीओ सहसवान को दिए गए, जबकि एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा गया।
किसानों ने मांग की कि खाद किसानों को आधार और खतौनी के आधार पर उपलब्ध कराई जाए, वंचित किसानों की बैठक कर उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाया जाए तथा बाल पोषाहार के वितरण में अनियमितता की जांच कराई जाए। इसके अलावा किसानों के अंश से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए गांवों में बैठक आयोजित करने की मांग भी की गई।
उद्योगपतियों का कर्ज माफ तो किसानों को राहत क्यों नहीं?
राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में जिला अध्यक्ष ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के भारी-भरकम कर्ज माफ किए गए, जबकि किसान छोटे-छोटे कर्ज के बोझ से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक आपदा, बाढ़, सूखा, आवारा पशुओं से फसलों के नुकसान और उपज का उचित मूल्य न मिलने जैसी समस्याओं के कारण लगातार कर्ज में डूबता जा रहा है। किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य और कर्ज से राहत मिलनी चाहिए।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि यदि उद्योगपतियों से कर्ज की वसूली नहीं की गई तो किसान भी कर्ज जमा नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से पहले बड़े कर्जदारों से धनराशि वसूलने और किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने की मांग की।
पंचायत में जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष, सहसवान व दहगवां ब्लॉक अध्यक्ष समेत तहसील क्षेत्र के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे।
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