सहसवान में दिखा प्रशासन का नया अंदाज: IAS शौर्य अरोड़ा की अध्यक्षता में पीस कमेटी नहीं, ‘दिल जीतू’ मीटिंग हुई संपन्न
सहसवान (बदायूं) – कहते हैं वर्दी और कुर्सी में दूरी होती है, लेकिन आज सहसवान कोतवाली परिसर में कुछ और ही नजारा था। मौका था गणेश चतुर्थी की पीस कमेटी का, लेकिन माहौल किसी त्योहार जैसा ही था।
कुर्सी पर थे युवा और तेज-तर्रार उप जिलाधिकारी शौर्य अरोड़ा (IAS), जिनकी कार्यशैली ने आते ही सहसवान में अपनी अलग छाप छोड़ी है। उनके एक तरफ थे जनता की नब्ज समझने वाले क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार और दूसरी तरफ थे कोतवाली की कानून-व्यवस्था को अपनी हथेली पर रखने वाले प्रभारी निरीक्षक नरेश पाल सिंह।
तीन अधिकारी, एक ही सोच – त्योहार आपका, सुरक्षा हमारी
बैठक शुरू होते ही SDM शौर्य अरोड़ा ने माइक संभाला और बोले – “गणेश जी बुद्धि के देवता हैं, हम चाहते हैं इस बार सहसवान में गणेश उत्सव बुद्धिमत्ता और भाईचारे की मिसाल बने।”
उनका अंदाज इतना सरल था कि गणेश समितियों के युवा भी खुलकर अपने सुझाव देने लगे। उन्होंने साफ कहा – अनुमति में दौड़-भाग नहीं होगी, सिंगल विंडो पर सहयोग मिलेगा, लेकिन नियम सबके लिए बराबर रहेंगे।
वहीं CO अशोक कुमार ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा – “अफवाह फैलाने वालों के लिए मेरे पास जगह नहीं है, लेकिन त्योहार मनाने वालों के लिए दिल में जगह है।” उनकी इस बात पर पूरे हॉल में तालियां बज गईं।
कोतवाल नरेश पाल सिंह ने तो कमाल ही कर दिया। उन्होंने कहा – “जुलूस आपका है, रूट की चिंता हमारी है। एक भी समिति को रात में अकेला नहीं रहने दिया जाएगा। पुलिस पंडाल के बाहर नहीं, आपके साथ खड़ी मिलेगी।”
बैठक में क्या रही बड़ी बातें?
1. SDM साहब ने खुद कहा – विसर्जन वाले दिन साफ-सफाई और लाइट की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
2. CO साहब ने युवाओं से अपील की – DJ पर सिर्फ भक्ति गीत, कानफोड़ू नहीं ज्ञानवर्धक संगीत।
3. कोतवाल साहब ने नंबर बांटा – कोई भी समस्या हो तो सीधा मुझे कॉल करो, थाने के चक्कर की जरूरत नहीं।
बैठक के बाद मौजूद संभ्रांत लोगों ने कहा – “सहसवान को ऐसे ही अधिकारियों की जरूरत थी। पहली बार लगा कि पीस कमेटी सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि दिल से की गई बातचीत है।”
फिलहाल एक बात तो तय है, इस बार सहसवान में गणेश चतुर्थी सिर्फ भक्ति नहीं, प्रशासन और जनता की दोस्ती की भी मिसाल बनेगी।
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com


