Sugandha Sharma
तुमनें मुझे यूँ पकड़ा है
जैसे-माया पकड़ती है..मन को,
सासें..तन को और
प्रेम..परावर्तन को।
परावर्तन..पूर्णता का..
पूर्णता..आत्मीय मोह का..
मोह..एकीकरण का..
और एकीकरण दो आत्माओं का
जिन्होंने सिर्फ प्रेम को चुना है
अर्थात क्रांतिबन्धन को…❤️
#सुप्रभात_जिंदगी
#सुगंधा
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