Tripti Tripathi उसने कहा--मंज़िल लिखो, मैंने लिखा--उसकी राहें। उसने कहा--सुकून लिखो, मैंने लिखा--उसकी बाहें उसने कहा--ज़िंदगी लिखो, मैंने लिखा--उसकी यादें। उसने कहा--दुनिया लिखो, मैंने लिखा--बस उसकी बातें।