Tripti Tripathi उसने कहा- सुकून लिखो, मैंने लिखा- "तृप्ति की मुस्कान"। उसने कहा- कुदरत लिखो, मैंने लिखा- "उसकी हरी साड़ी"। उसने कहा- ज़िंदगी लिखो, मैंने लिखा- "उसका हाथ"। उसने कहा- इबादत लिखो, मैंने लिखा- "तृप्ति का नाम"।