Madhuri तुम्हे अंत का ज्ञान था ,, माधव,, फिर आरंभ को इतना सुंदर क्यों रचा ... यदि दिछड़ना ही तय था तो मिलन को प्रार्थना सा पवित्र क्यों रखा .... 💐🙏!!! माधव !!!!🙏💐