राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया ने नारी संवेदना बिल मुख्य रूप से नारी शक्ति बंदन अधिनियम-2023 जागरुक करते हुए बताया 128 वें संवैधानिक संशोधन विधेयक, के रूप में माना जाता है इसे सितंबर 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था इस विधेयक मुख्य उद्देश्य लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभाओं में और दिल्ली विधानसभा में एवं राज्यसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत यनि एक तेहाई सीटें आरक्षित करना है आरक्षण का दायरा अनुसूचित जाति (SC) अनुसूचित जनजाति(ST) के लिए आरक्षित सीटों में भी लागू होगा इस आरक्षण की अवधि 15 वर्षों के लिए लागू किया गया है नारी संवेदना बिल नारी शक्ति बंदन अधिनियम-128वें संवैधानिक संशोधन विधेयक-2023 नवीनतम अपडेट अप्रैल 2026 हो सकेगा नारियों का विकास सशक्त भारत के रूप में उभर कर राष्ट्र को सशक्त करेगा नारियों की भागिता राष्ट्रीय हित में 33 प्रतिशत हो जाएगी जो की नारियों को राष्ट्रवल आत्मशक्ति विधिक शक्ति को बढ़ाने में सहयोगी होगा जो की नारी उत्पीड़न से भी बचाने में सहयोगी होगा विधेयक जागरूकता कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया, राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश कुमार मौर्य, संरक्षक जे. आर गुप्ता,और महानगर अध्यक्ष सुनीता उर्फ अंजू चौहान, मंजू चौहान, साक्षी चौहान आदि महिलाएं एवं सामाजिक लोग मौजूद रहे
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