Ravina Mishra ईमानदारी बहुत हीं महंगा शौक है हर कोई नहीं संभाल पाता है।
Read More »चुप्पी क्यों है बोलते क्यों नहीं, कार्रवाई का पिटारा खोलते क्यों नहीं !
बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ जिले के राजनेतिक दलों में गुटबाजी का जो दौर देखने को मिल रहा है उसको लेकर राजनेतिक दलों को समर्पित लोगों का दिल रोता नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले कांग्रेस की हालत सामने आई तो पता चला कि कांग्रेस में …
Read More »जब होगी बरसात – Ravina Mishra
Ravina Mishra जब होगी बरसात, बूंदों के रोमांच पर बैठकर आना तुम, शरद की धूप में, और जाड़ों की दोपहर में, ग्रीष्म के भी भोर में आना तुम, प्रतिक्षा के एहसास में, याद की रग रग में, खामोशी के संगीत में, तुम हीं पहुंचना मुझ तक।
Read More »परवाह तेरी – Sugandha Sharma
Sugandha Sharma परवाह तेरी ही करते हैं वरना फिकर तो मैं खुद की भी नहीं करती । #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा #हर_हर_महादेव #जय_श्री_राम #वंदे_मातरम्
Read More »कोई पहलू निकालता क्यूँ है – Ravina Mishra
Ravina Mishra कोई पहलू निकालता क्यूँ है बात बातों में टालता क्यूँ है अपने पिंजरे में याद के पंक्षी तोता मैना को पालता क्यूँ है भर गया जख्म फिर सीने में दर्द रह रहकर सालता क्यूँ है टूट जाते हैं कच्ची मिट्टी के इन खिलौने को ढालता क्यूँ है बूंद …
Read More »सावन की रुत – Rinku Sharma
Rinku Sharma ‼️ #सावन की रुत #सुहानी मन को लुभा रही है आ #जाओ तुम कहीं से हसरत #बुला रही है‼️ ❤️🩹 #राधे_राधे 🩷
Read More »सडकों पर जलभराव उडा रहा विकास कार्यो का उपहास ?
बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ बीती रात सावन के अंतिम सोमवार की सुबह तक बदायूं मे होने वाली बरसात ने विकास के असली इतिहास को आम आदमी की जुबान पर लाकर रख दिया। ऐसा नहीं कि बरसात के मौसम में बदायूं की सडकों पर पहली बार जलभराव …
Read More »अभेद्य अंधेरे – Ravina Mishra
Ravina Mishra अभेद्य अंधेरे के पार मैं तुम्हारी प्रतिक्षा करती हूँ सिर्फ यह कहने, कि मैं तुमसे करती हूँ प्रेम आत्मा का कोई कोना बचा रखी हूँ अभी भी स्पंदित होता हुआ आधी सदी के लिए और,,,, यह की तुम्हें लिखी हुई मेरी कविता एकाकीपन के गर्भ से नहीं अपितु …
Read More »मोहब्बत -Sugandha Sharma
Sugandha Sharma “मोहब्बत वो किताब है जो हर किसी के नसीब में मुकम्मल नहीं लिखी जाती, किसी के हिस्से में सिर्फ पहला पन्ना आता है, किसी के हिस्से में आख़िरी अल्फाज़।” 📖❤️ #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा #हर_हर_महादेव
Read More »प्यार और परछाईयाँ – Ravina Mishra
Ravina Mishra समेटा जा सकता था जो कुछ बिखर चुका था दो बोल बोले जा सकते थे जब मौन उपजा था थामा जा सकता था हांथ पांव लड़खड़ाने पर कुछ किया जा सकता था प्यार को बचाने को मगर दो लोगों ने चुना दो अलग रास्ता और वो जहाँ से …
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