बिसौली। आदर्श रामलीला कमेटी दिसौली गंज में चल रही रामलीला में मेघनाथ वध एवं सिलोचना सती की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से दर्शकों को त्रेतायुग की रामकथा का साक्षात अनुभव करा दिया। प्रभु श्रीराम की भक्ति, धर्म और त्याग से ओतप्रोत प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
मंचन के दौरान युद्धभूमि में मेघनाथ और लक्ष्मण के बीच हुए तीखे संवादों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। दोनों के बीच भीषण युद्ध हुआ। अंततः लक्ष्मण ने अपने बाणों से मेघनाथ का वध कर दिया। इसके बाद पति की मृत्यु का समाचार मिलने पर सिलोचना व्याकुल हो उठीं और अपने पति का शीश लेने रामदल में पहुंचीं। इस दौरान प्रभु श्रीराम और सिलोचना के बीच हुए संवाद ने लीला को अत्यंत मार्मिक बना दिया। प्रभु श्रीराम ने सिलोचना से कहा कि यदि यह शीश वास्तव में उनके पति का है, तो वह उनकी पुकार पर बोलेगा। इसके बाद मेघनाथ के शीश के बोलने का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। पति के प्रति सिलोचना के अटूट प्रेम, समर्पण और पतिव्रता भाव का मंचन देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। रामलीला के इस भावपूर्ण प्रसंग ने दर्शकों को धर्म, मर्यादा, प्रेम और त्याग का संदेश दिया। पूरा रंगमंच प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए।
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