उघैती अपहरण मामले में दो दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास, 20-20 हजार रुपये जुर्माना
बदायूं। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बदायूं पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने अपहरण के मामले में दोषसिद्ध दो अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, थाना उघैती में मुकदमा अपराध संख्या 103/2026, धारा 364ए भारतीय दंड संहिता (भादवि) के तहत श्रीमती शकुन्तला देवी पत्नी ऋषिपाल, निवासी शेखूपुर, थाना सिविल लाइंस, बदायूं और डिस्कों पुत्र महेंद्र, निवासी धरैरा, थाना उघैती, बदायूं के खिलाफ मामला दर्ज था।
मामले की विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष आदिल रशीद ने पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत इस मामले की समयबद्ध निगरानी की गई। मॉनिटरिंग सेल, थाना उघैती के पैरोकार कांस्टेबल रोहित और अभियोजन पक्ष ने विशेष न्यायाधीश, बदायूं के न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
27 अक्टूबर को सुनाया गया फैसला
पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को धारा 364ए भादवि के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन सश्रम कारावास और प्रत्येक को 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा नहीं करने पर प्रत्येक अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस ने मामले में पैरवी करने वाले कांस्टेबल रोहित, लोक अभियोजक एसपीपी पशुपति नाथ तथा विवेचक तत्कालीन थानाध्यक्ष आदिल रशीद के योगदान को सराहनीय बताया।
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