9:04 am Wednesday , 28 October 2026
BREAKING NEWS

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत नाबालिग से जुड़े मामले में दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास

बदायूं। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बदायूं पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से जुड़े मामले में दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 65 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने 27 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया।

पुलिस के अनुसार, थाना उसावां में मुकदमा अपराध संख्या 36/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 140(4) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(M)/6 में अभियुक्त संदे सागर उर्फ सुनील, निवासी वार्ड नंबर एक, कस्बा एवं थाना उसावां, जनपद बदायूं के खिलाफ मुकदमा दर्ज था।

मामले की विवेचना उपनिरीक्षक ओमपाल सिंह ने पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामले की समयबद्ध निगरानी की गई। मॉनिटरिंग सेल, पैरोकार कांस्टेबल सतीश कुमार और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद विशेष न्यायालय पॉक्सो-03, बदायूं ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

तीनों धाराओं में सुनाई गई सजा

न्यायालय ने बीएनएस की धारा 115(2) के तहत एक वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 140(4) के तहत पांच वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(M)/6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अलग-अलग अवधि का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार, अधिरोपित अर्थदंड की पूरी धनराशि अपील की अवधि व्यतीत होने के बाद पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। मामले में प्रभावी पैरवी के लिए पैरोकार कांस्टेबल सतीश कुमार, अभियोजक प्रदीप भारती (एसपीपी) और विवेचक उपनिरीक्षक ओमपाल सिंह के योगदान को सराहनीय बताया गया।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.