लखनऊ। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती सोमवार, 26 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सहित देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में महर्षि वाल्मीकि मंदिरों और रामायण से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन, दीपदान, वाल्मीकि रामायण का पाठ, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है। आयोजनों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के साहित्यिक योगदान, सामाजिक समरसता और रामायण में निहित आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि के रूप में जाना जाता है। उनके द्वारा रचित रामायण भारतीय साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। रामायण में वर्णित आदर्श, कर्तव्य, त्याग और मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता आज भी समाज को प्रेरित करती है।
चित्रकूट स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर में भी विशेष आयोजन की तैयारी की गई है। यहां रामलीला मंचन, रामायण पाठ, भजन संध्या और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
अवकाश भी घोषित: उत्तर प्रदेश शासन ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर 26 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती का संदेश सामाजिक सद्भाव, समानता और मानवीय मूल्यों को अपनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।



bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com