1:05 pm Saturday , 19 September 2026
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उझानी: UPI पर 2000 से अधिक पर टैक्स के विरोध में उतरे व्यापारी…..

, बोले- 15 अक्टूबर तक चार्ज वापस नहीं हुआ तो बंद करेंगे UPI।

उझानी बदांयू 19 सितंबर।

UPI से दो हजार रुपये से अधिक का भुगतान लेने पर कर व्यवस्था लागू करने की चर्चा से व्यापारियों में भारी आक्रोश है। उझानी के व्यापारियों ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि वे धीरे-धीरे UPI से भुगतान लेना बंद कर रहे हैं और ग्राहकों से नकद लेन-देन पर जोर दे रहे हैं।

व्यापारियों ने 15 अक्टूबर तक सरकार के फैसले का इंतजार करने की बात कही है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने यह चार्ज वापस नहीं लिया तो मजबूरी में पूरी तरह से UPI सेवा बंद करनी पड़ेगी।

करन थरेजा,किराना व्यापारी ने कहा – “हम UPI से भुगतान लेना बंद कर रहे हैं। ग्राहकों से नकद लेन-देन करने के लिए कह रहे हैं। कर का और बोझ सहन करना मुश्किल है। सरकार पहले लोगों को आदत लगवाती है और बाद में हर व्यवस्था में कर लागू कर वसूली पर उतर आती है।

अभिषेक वार्ष्णेय, सर्राफा कारोबारी ने कहा – सर्राफा में छोटी खरीद-फरोख्त भी आठ से दस हजार की होती है। अगर UPI से भुगतान लेंगे तो कर देते-देते हालत खराब हो जाएगी। इसको बंद करना पड़ेगा।

सिद्धांत गोयल, सर्राफा कारोबारी- ने कहा – 15 अक्टूबर के बाद भी अगर कर लेने की व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ तो मजबूरी में हमें UPI से भुगतान लेना बंद करना पड़ेगा। यह कदम उचित नहीं है।

अभिषेक वार्ष्णेय रिंकू, सीमेंट विक्रेता, ने कहा – ग्राहकों से नकद भुगतान मांग रहे हैं, ताकि UPI से भुगतान की आदत कम की जाए। पहले से ही कर का बोझ बहुत ज्यादा है, इसे और ज्यादा सहन नहीं किया जा सकता।

डॉ मोहित अग्रवाल दवा विक्रेता ने कहा – “UPI से भुगतान लेना कम कर रहे हैं। 15 अक्टूबर तक अगर सरकार ने इस पर से कर नहीं हटाया तो इस सेवा को ही बंद करना पड़ेगा और कोई रास्ता नहीं है।

नितिन सिद्धू गुप्ता एडवोकेट ने कहा – सरकार ने पहले लोगों को UPI की आदत डलवाई और अब उस पर कर लगाकर आय करने का प्रबंध कर रही है। डिजिटल लेनदेन को ऐसे बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है।

राजेश वार्ष्णेय एमके।

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