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बदायूं में गुम मोबाइल लौटाने के नाम पर अवैध वसूली, हेड कांस्टेबल समेत तीन पर केस दर्ज

बदायूं में गुम मोबाइल लौटाने के नाम पर अवैध वसूली, हेड कांस्टेबल समेत तीन पर केस दर्ज।

बदायूं 13 सितंबर।

गुम मोबाइल लौटाने के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप में एक हेड कांस्टेबल समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये वसूलने का आरोप है। आरोपी गोपनीय पुलिस जानकारी का इस्तेमाल कर मोबाइल धारकों का पता लगाते थे।

मामला जरीफनगर थाना क्षेत्र के रामपुर टप्पा वैश्य गांव का है। गांव निवासी हरीश बाबू उर्फ हीरा सिंह ने इस संबंध में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।

हरीश बाबू ने बताया कि उनका मोबाइल पिछले महीने गुम हो गया था। उन्होंने पड़रिया गांव निवासी प्रेमपाल उर्फ बंटी के जनसेवा केंद्र से मोबाइल गुम होने की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोप है कि कुछ दिनों बाद प्रेमपाल उनके घर पहुंचा और मोबाइल मिलने की जानकारी दी। मोबाइल लौटाने के बदले उसने खर्चा-पानी मांगा। पूछने पर प्रेमपाल ने बताया कि जरीफनगर थाने का हेड कांस्टेबल और कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद उसे गोपनीय जानकारी और गुप्त पासवर्ड देता है। इसी जानकारी से पता चलता है कि चोरी हुआ मोबाइल कहां चल रहा है।

इसका इस्तेमाल कर प्रेमपाल और रंजीत फोन करते थे। वे मोबाइल रखने वाले को मुकदमे का डर दिखाते और खुद को पुलिस बताकर मोबाइल वापस ले लेते थे। आरोप है कि इस काम से मिली रकम तीनों आपस में बांट लेते थे।

पीड़ित के अनुसार, प्रेमपाल ने मोबाइल लौटाने के लिए दस हजार रुपये मांगे और धमकाया। खुद को गरीब किसान बताते हुए हरीश बाबू ने असमर्थता जताई। इसके बाद 4 सितंबर 2026 को प्रेमपाल उर्फ बंटी निवासी पड़रिया और रंजीत निवासी मालपुर ततैरा ने मुकदमे और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे चार हजार रुपये वसूल लिए और मोबाइल वापस कर दिया।

शिकायत में कहा गया है कि तीनों ने एक गिरोह बना रखा है, जो भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी से रुपये वसूलता है। वसूली गई रकम में से 50 प्रतिशत हेड कांस्टेबल जावेद लेता था, जबकि बाकी रकम प्रेमपाल और रंजीत आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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