बदायूं में गंगा का कहर: कदम नगला गांव में पंचायत घर तक पहुंचा कटान, सड़क किनारे तिरपाल में रहने को मजबूर परिवार।
कछला में खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर गंगा, हरिद्वार- बिजनौर- नरौरा से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बदांयू 11 सितंबर।
बदायूं क्षेत्र के कदम नगला गांव में गंगा नदी का कटान लगातार ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। तेज धार के कारण गांव में कटान अब पंचायत घर तक पहुंच गया है। पंचायत घर का एक हिस्सा नदी में समा चुका है।
कटान की वजह से दर्जनों परिवारों के घर और खेती की जमीनें नदी में समा चुकी हैं। अपना आशियाना गंवाने के बाद प्रभावित परिवार सामान समेटकर सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं। कोई तिरपाल डालकर अस्थायी ठिकाना बनाए हुए है तो कोई खुले आसमान के नीचे बचा हुआ सामान संभाल रहा है।
गांव के किसान अमित यादव भी कटान से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कुछ दिन पहले उनका घर गंगा में समा गया था। अब उनकी 10 बीघा में लगी बगिया और 25 बीघा जमीन भी कटान की चपेट में है। वर्षों की मेहनत से तैयार पेड़-पौधे और फसल धीरे-धीरे नदी में समाते जा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गंगा ने पहले उनके घरों को निशाना बनाया, फिर खेत कटान की चपेट में आए और अब पंचायत घर भी सुरक्षित नहीं रहा। ग्रामीणों को हर पल डर सता रहा है कि अगर कटान की रफ्तार नहीं थमी तो गांव की बची हुई जमीन भी खत्म हो जाएगी।
कछला में शुक्रवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 162.56 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 162.40 मीटर से 16 सेंटीमीटर ऊपर है। सिंचाई विभाग के अनुसार नरौरा से 99,297 क्यूसेक, बिजनौर से 63,839 क्यूसेक और हरिद्वार से 59,293 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तेज बहाव के कारण कदम नगला में कटान और तेज हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए बचाव कार्य शुरू कराने और बेघर हुए परिवारों के लिए सुरक्षित जगह की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि उन्हें खुले में रहने को मजबूर न होना पड़े।
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