सारिका सिंह (मनी )
होगा शौक तुझे आजाद रहने का
मन मर्जी से अपने मुताबिक अपने यार चुनने का
ज़ब मर्जी आयी तब पकड़ लिया
खेले तुम ओर फिर छोड़ दिया
हमें ये शौक नहीं बैरी हमें तो नशा है तेरे इश्क का
तेरी गुलामी मे रहना पसंद है
तू खुदा बना रहे मेरे सजदो का
न नजर भी कभी उठे कही
मेरा इश्क है हकीकत का.
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com



