Nita Vasave मुझे गर्व है कि आज मैं खुद को जिस तरह सँभाल रही हूँ .. मैंने अकेले ही कई खामोश लड़ाइयाँ लड़ी हैं…. अपने आँसू खुद पोंछे हैं…. और फिर भी हर दिन मुस्कुराई हूँ …