Ravina Mishra🧚♀️
अन्तकाले च मामेव स्मरणमुक्त्वा कलेवरम्।
य: प्रयाति स मद्भावं याति नास्तयत्र संशयः।।
जीवन में हम या तो भौतिक या आध्यात्मिक शक्ति के विषय में सोचने के आदी हैं, हमारे विचारों को हमें वैदिक साहित्य की ओर मोड़ना है।
शुभ प्रभात मित्रों।
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