neelam कान्हा एक अनुभूती कमल-नयन में ठहरी सुबह 🌸 जिनमें शांति भी, और शरारत की झलक भी ✨ सुन्‍दर मुख पर मुस्कान 😊 जैसे अधरों पर कोई अनकहा मंत्र टिक गया हो मोरपंख हँसता है मस्तक पर और बंसी की मौन तान में पूरा ब्रज सिमट आता है जय श्री कृष्णा 🌹