Piyano
तेरे कंधें पर बिखर जाए हम भी
तू संवारे जो जुल्फें संवर जाए हम भी
मिला दे सुर्ख लाली में कभी अपनी
तेरे हॉंठों पर किसी दिन बिखर जाए हम भी
ओढ़ ले हमें अपने सिर पर ओ महजबी
आँचल की तरह तन पर ठहर जाए हम भी
देख कर तेरी ये मस्त निगाहें जालिम
जी चाहता है हद से गुजर जाए हम भी।
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