Pooja Tiwari सुनो, ख्वाबों-ख्यालों में भटकते अब्र, है ना-काबिल प्यास बुझाने को। सब्र-ए-बहार में गिरी ओस, कि एक बूंद है काफ़ी प्यास मिटाने को।। ❣️ #पूजा 🫰🥀 #हर_घर_खुशहाली