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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिलाई शपथ।
जस्टिस सूर्यकांत भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बन गए हैं। उनका जन्म 10 फरवरी, 1962 को हरियाणा के हिसार जिले के छोटे-से गांव पेटवाड़ में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से प्राप्त की और बाद में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से कानून की डिग्री हासिल की ।
जस्टिस सूर्यकांत का करियर
– उन्होंने 1984 में हिसार जिला न्यायालय में अपने कानूनी सफर की शुरुआत की।
– 1985 में, वह पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अपनी वकालत शुरू करने के लिए चंडीगढ़ चले गए।
– 2000 में, वह हरियाणा के सबसे कम उम्र के महाधिवक्ता बने।
– 2004 में, उन्हें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।
– 2018 में, वह हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने।
– 2019 में, वह सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने।
जस्टिस सूर्यकांत के महत्वपूर्ण फैसले
– उन्होंने चुनाव आयोग को बिहार में मसौदा मतदाता सूची से बाहर किए गए 65 लाख मतदाताओं का ब्योरा सार्वजनिक करने का निर्देश दिया।
– उन्होंने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा।
– उन्होंने ओआरओपी (वन रैंक वन पेंशन) को संाविधानिक रूप से वैध माना और भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए समान अवसरों का समर्थन किया।
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