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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 5-कालिदास मार्ग पर संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

योगी कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के 1.70 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मियों को मिला कैशलेस चिकित्सा का तोहफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 5-कालिदास मार्ग पर संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

बेसिक शिक्षा के 1.22 लाख और माध्यमिक व संस्कृत विद्यालयों के 48 हजार कर्मियों एवं आश्रितों को निजी व सरकारी अस्पतालों में मिलेगा निःशुल्क इलाज

योगी सरकार वहन करेगी 51 करोड़ रूपये से अधिक का वार्षिक वित्तीय भार; ‘साचीज’ के माध्यम से आयुष्मान भारत की दरों पर होगा कैशलेस IPD उपचार

लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को 5-कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर संपन्न मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के व्यापक हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, वित्त विहीन विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और समग्र शिक्षा परियोजना में सेवारत 1.70 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कार्मिकों (Non-teaching Staff) एवं उनके आश्रित परिजनों को सरकारी व संबद्ध निजी चिकित्सालयों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा (Cashless Medical Facility) प्रदान करने के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दे दी है।

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार सदैव कर्मचारियों के कल्याण, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति समर्पित रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 05 सितम्बर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा परिवार को कैशलेस चिकित्सा का लाभ देने की जो घोषणा की थी, आज कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर उस संकल्प को पूरा कर दिया गया है। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों, वित्त विहीन विद्यालयों तथा समग्र शिक्षा परियोजना में कार्यरत हमारे 1,22,304 शिक्षणेत्तर साथी इस ऐतिहासिक निर्णय से सीधे लाभान्वित होंगे। इस योजना पर प्रति कार्मिक 3,000 रुपए वार्षिक प्रीमियम की दर से लगभग 36.69 करोड़ रूपए (3,669.12 लाख रुपये) का संपूर्ण वित्तीय भार योगी सरकार स्वयं वहन करेगी।

माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि माध्यमिक और संस्कृत शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित रखने में शिक्षणेत्तर कर्मियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत महाविद्यालयों तथा वित्त विहीन संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारी स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग की थी। योगी सरकार ने उनके एवं उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कुल 48,062 शिक्षणेत्तर कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा का सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इसके लिए 3,000 रुपए प्रति कर्मी वार्षिक प्रीमियम के आधार पर राज्य सरकार 14.4186 करोड़ रूपये का वार्षिक वित्तीय व्यय वहन करेगी।

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा दोनों विभागों को मिलाकर कुल 1,70,366 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रित परिजनों को अंतर्रोगी विभाग (IPD – Inpatient Department) में कैशलेस उपचार की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार कुल 51.11 करोड़ रुपए का वार्षिक वित्तीय भार वहन करेगी। योजना का संचालन ‘स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज’ (साचीज – SACHIS) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कार्मिकों को राजकीय चिकित्सालयों के साथ-साथ साचीज से संबद्ध निजी चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना (PM-JAY) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की अनुमोदित दरों पर पारदर्शी, कैशलेस व गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा तत्काल प्रभाव से सुलभ कराई जाएगी।

कैबिनेट के निर्णय की मुख्य विशेषताओं के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के 1,22,304 कार्मिकों एवं उनके परिजनों को लाभ पहुँचाने के लिए 36.69 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, माध्यमिक एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के 48,062 शिक्षणेत्तर कार्मिकों और उनके आश्रितों को लाभान्वित करने हेतु 14.42 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट आवंटित किया गया है। उपचार के दायरे के तहत सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ इंपैनल्ड निजी अस्पतालों में इनडोर उपचार पूरी तरह से कैशलेस रहेगा। इस योजना का कार्यान्वयन आयुष्मान भारत की अधिकृत दरों पर साचीज के माध्यम से शत-प्रतिशत डिजिटल और कैशलेस रूप में प्रबंधित किया जाएगा।

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