लखनऊ। करीब 13 साल पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट की तामील नहीं कराने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने चौक इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय पर 5 हजार रुपये और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों पर 2 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।
अदालत ने संबंधित पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने का भी आदेश दिया है। कोर्ट की सख्ती के बाद अब इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय को 7 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
अदालत ने निर्देश दिया है कि संबंधित पुलिसकर्मी हर्जाने की राशि जमा करें और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वारंट की तामील नहीं होने के संबंध में स्पष्टीकरण दें।
13 साल पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट की तामील में लापरवाही को लेकर अदालत की इस कार्रवाई को पुलिसकर्मियों की जवाबदेही के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com