🕉️*आज का पंचांग व संकल्प*🕉️
🚩 *श्रावण – शुक्ल- चतुर्थी २०८३* 🚩
🌸*1 6 अगस्त 2026* 🇮🇳🌸~~~~~~~~~~~~~~~
दिन —– *रविवार*
तिथि – *चतुर्थी*
नक्षत्र — * *हस्त*
पक्ष —— * *शुक्ल*
माह– — *श्रावण*
ऋतु — *वर्षा*
सूर्य —- *दक्षिणायन *उत्तर* गोल
विक्रम सम्वत — 2083
दयानन्दाब्द — 202
शक सम्बत -. 1948
कलयुगाब्द,: 5128
सृष्टिसम्वत- 1960853127
*सूर्योदय-/सूर्यास्त* दिल्ली- 5: 50/ 6:59 लखनऊ : 5: 40 / 6:50
*सूर्य : कर्क राशि / चन्द्र : कन्या*
ब्रह्म मुहूर्त : 4 :33 से 5ः 21 AM तक
🌹 *रूप वाणी*
जीवन का वास्तविक लक्ष्य केवल भौतिक सुख सुविधाओं का संग्रह नहीं , बल्कि आत्मज्ञान सत्य करुणा और धर्म के मार्ग पर चलकर अपने वास्तविक स्वरूप प्राप्त करना है
🍅 *पहला सुख निरोगी काया*
भोजन :जो अन्न नलिका द्वारा आहूत किया जाता है वह आहार है , यह अन्न छः प्रकार का होता है – भोज्य – दाल भात , मोदक – रोटी , चर्व्य -धान्य चूड़ा , लेह्य – आम , पोदीना – धनिया की चटनी ,चोष्य – आम ईख . पेय – शर्बत
🌷 *संजीव रूप*
वेदकथाकार,पुरोहित, कवि ,
-यज्ञतीर्थ- गुधनी-बदायूँ(उप्र)
*9997386782*
9870989072 –
*हिन्दी संकल्प पाठ* 🏵
हे परमात्मन् आपको नमन!इस आपकी कृपा . मैं आज एक यज्ञ कर्म को तत्पर हूँ, आज एक ब्रह्म दिवस के दूसरे प्रहर कि जिसमें वैवस्वत मन्वन्तर वर्तमान है,अट्ठाईसवीं चतुर्युगी का कलियुग वर्तमान है। सृष्टि सम्वत एक अरब छियाननवे करोड़ आठ लाख तिरेपन हजार एक सौ सत्ताईसवां है,कलियुगाब्द 5128, विक्रम सम्वत् दो हजार तिरासी है,दयानन्दाब्द 2O2 वां है, सूर्य दक्षिण अयन में उत्तर गोल में वर्तमान है ,कि *वर्षा ऋतु* माह *श्रावण* *शुक्ल पक्ष- तिथि- चतुर्थी* नक्षत्र *हस्त* है, आज *रविवार 16 अगस्त 2026* को भरतखण्ड के आर्यावर्त देश के अंतर्गत, ..प्रदेश के ….जनपद…के ..ग्राम/शहर…में स्थित (निज घर में,या आर्यसमाज मंदिर में मैं …अमुक गोत्र में उत्पन्न, पितामह श्री ….(नाम लें ).के सुपुत्र श्री .(पिता का नाम लें)उनका पुत्र मैं …आज सुख ,शान्ति ,समृद्धि के लिए तथा आत्मकल्याण के लिए प्रातः वेला में यज्ञ का संकल्प लेता हूँ!(ऋत्विक वरण)- जिसके निर्देशक /ब्रह्मा के रूप में आप आचार्य….. श्री का वरण करता हूँ,
🕉️ *संस्कृत संकल्प पाठ:*🕉
*ओं तत्सद्।श्री ब्रह्मणो दिवसे द्वितीये प्रहरार्धे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे , एकोवृन्दः षण्णवतिकोटि: अष्टलक्षाणि त्रिपञ्चाशत्सहस्राणि सप्तविंन्शत्युत्तरशततमे सृष्टिसंवत्सरे, पञ्चसहस्त्राणि अष्टाविंशत्युत्तरशततमे कलियुगे, त्र्यशीति – द्विसहस्रतमे , वैक्रमाब्दे ,, शाके 1948 दयानन्दाब्दे( द्वयाधिकद्वि शततमे ) 202 , रवि दक्षिणायने, उत्तर गोले* *वर्षा* ऋतौ, *श्रावण मासे*, *शुक्ल पक्षे, चतुर्थी तिथि , हस्त नक्षत्र ,रविवासरे* *तदनुसारम् आङ्गलाब्द 2026 … अगस्त मासः, 16 दिनाङ्क*।
जम्बूद्वीपे,…
भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर् गते ………प्रदेशे ,……..जनपदे.. ..नगरे……गोत्रोत्पन्नः….श्रीमान्.(पितामह)….(पिता..).पुत्रस्य… अहम् .'(स्वयं का नाम)…..अद्य प्रातः कालीन वेलायाम् सुख शान्ति समृद्धि हितार्थआत्मकल्याणार्थम् , रोग -शोक निवारणार्थम् . सर्वेषां कृते मङ्गलमयं भूयात्!🙏 “
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