उझानी में टमाटर ने बिगाड़ा रसोई का बजट: 15 दिन में दाम डबल, 60 रुपये किलो पहुंचा।
उझानी-बदांयू 14 जून।
उझानी में भी अब टमाटर खरीदना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। 15 दिन पहले तक जो टमाटर 20 रुपये किलो में थैला भरकर मिल जाता था, अब वही 55-60 रुपये किलो बिक रहा है। थोक मंडी से ही माल महंगा आ रहा है, तो फुटकर में लाल रंग और भी तीखा लग रहा है।
उझानी मंडी के आढ़तियों की मानें तो बेमौसम बारिश ने टमाटर की फसल को धो दिया। खेतों में पानी भरने से पौधे गल गए और नई आवक एकदम टूट गई। मांग वही, माल आधा – बस फिर क्या था, दामों ने छलांग लगा दी।
उझानी के सब्जी विक्रेता रफीक भाई बोले, “भैया, 15 दिन पहले तक 200 रुपये में पूरा कैरेट लाते थे, अब 800 से 1000 रूपए से कम में बात ही नहीं बनती। हम क्या करें, महंगा लाएंगे तो महंगा ही बेचेंगे।”
उझानी की गृहिणी सीमा देवी का कहना है, “दाल-सब्जी हर चीज में टमाटर चाहिए। अब 60 रुपये किलो ले रहे हैं तो सलाद से टमाटर गायब करना पड़ रहा है। महीने का बजट हिल गया है।”
दुकानदार कमलेश का अंदेशा है कि अगर 4-5 दिन में नई फसल मंडी नहीं पहुंची, तो टमाटर 70 पार भी जा सकता है।
टमाटर के साथ-साथ उझानी में प्याज, अदरक के दाम भी आंखों में आंसू ला रहे हैं। वहीं बेंगलुरु वाला टमाटर तो यहां तक पहुंचते-पहुंचते और भी महंगा हो जा रहा है।
फिलहाल उझानी वालों के लिए राहत की खबर नहीं है। बारिश थमी और धूप निकली, तभी टमाटर के तेवर नरम पड़ेंगे। तब तक लाल टमाटर, लाल बजट करता रहेगा।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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