neelam
कंकरी मोहि मारी
गगरियां फोड़ डाली
मोरी साड़ी अनाड़ी भिगोय गयो रे,
नैनो से जादू किया
जियरा मोह लिया
मोरा घूंघट नजरियो से
तोड़ गयो रे
मोरी नाजुक कलाई
मरोड़ गयो रे
मोहे पनघट पे नंदलाल
छेड़ गयो रे,
बरसो पुराने ऐसे रस भरे गीतो की
मीठी-मादक छेड़छाड़ से
तन-मन बहकने लगता है
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com






