Madhuri अपनी लिखी हुई तकदीर पर हंस लेते है दिल के जज़्बात को जंजीर से कस लेते हैं ये मेरा अपना तजुर्बा है , वक्त आने पर सांप तो सांप है ,इंसान भी डस लेते है