divya_aggarwal 🌺❤ मेरे जिस्म की रूह हो तुम बेखयाली में भी खयाल हो तुम, नींद में सपने हो तुम गैरों में अपने हो तुम, दिल की धड़कन हो तुम हर मुस्कुराहट में बसते हो तुम, कभी हसाते हो तुम कभी रुलाते हो तुम, हर पल याद आते हो तुम !!❤🌺